Saturday, 16 March 2019

मेरी आँखें हरदम तलाश करती हैं तुम्हारी मुस्कराहट की


मेरी आँखें हरदम तलाश करती हैं तुम्हारी मुस्कराहट की,

तुम्हें ना देखूं तो सकूँन आता नहीं,



ज़िन्दगी का अब तुम एक हसीं हिस्सा बन गयी हो,

जिसे हरदम ढूँटता था वही तुम बन गयी हो,



वो शरारत वो मस्ती,

तुम्हारी इक झलक कहाँ इतनी सस्ती,

कई लम्हों का इंतज़ार है,

कई दुआओं का दौर है,



बस तुम यूँ ही मुस्कराती रहो,

ताकि मैं यु ही जीता रहूँ